तेरी यादों से दूर मैं जा ना सका...
भुला दी मैंने दुनिया सारी,
बस तुझको मैं भुला ना सका....
हर जगह तुझे मेरी आँखें ढूढ़ती हैं,
पर शहर में तुझे कहीं भी पा ना सका....
तडपाया है जितना तेरे ख्वाबों ने दिल को,
कोई भी ख्वाब मुझे इतना तडपा ना सका...
ज़िक्र आने पर तेरा भर आई आँखें,
तुझसे जुदाई का दर्द मैं छिपा ना सका....


1 comment:
Bahoot khoob Neeraj ji
Post a Comment