Saturday, September 18, 2010

लाख कोशिश करने पर भी...

लाख़    कोशिश   करने     पर     भी,
तेरी  यादों  से  दूर   मैं  जा ना  सका...

भुला    दी    मैंने    दुनिया     सारी,
बस  तुझको    मैं     भुला  ना    सका....

हर  जगह  तुझे  मेरी  आँखें  ढूढ़ती  हैं,
पर  शहर  में तुझे  कहीं भी पा ना सका....

तडपाया है जितना तेरे ख्वाबों  ने दिल को,
कोई भी ख्वाब मुझे इतना तडपा ना सका...

ज़िक्र   आने   पर  तेरा  भर  आई  आँखें,
तुझसे  जुदाई  का  दर्द  मैं  छिपा ना सका....

लाख    कोशिश   करने   पर  भी...








1 comment:

Unknown said...

Bahoot khoob Neeraj ji