Saturday, April 30, 2011

दर्द का समंदर कम नहीं होता......




दर्द      का      समंदर     कम     नहीं      होता,
बस    इतना    ही     है,   कि    मैं  नही  रोता !

ना  जाने  कौन   सी चीज़  मुझसे खो  गयी   है,
जिससे   बोझ   मन   का   हल्का  नहीं  होता !


जैसे     मुझे     रोज़       सज़ा    मिलती    है,
बस   कोई   मुक़दमा  मुकम्मिल  नहीं  होता !







मैं      जिंदगी       जीऊँगा       जी    भरकर,
देखता  हूँ,   मुझे   क्या   हासिल   नहीं  होता !

ए-वक़्त    अपनी   धार    और     तेज़    कर,
तेरे चाकू का मेरे इरादों पर असर नहीं  होता !

उस एक परवर के  आगे है  सब नत-मस्तक
एक पत्ता भी ना हिलता,  जो वो  नहीं  होता !

Monday, April 25, 2011

जिंदगी एक बड़ा ख्वाब सा है...

जिंदगी एक बड़ा ख्वाब सा है...

दुख भी हैं,
हैं सुख भी इसमें;
बहुत कुछ है,
कुछ भी नहीं वश में;
हैं गम बहुत,
तो हैं मुस्कुराहटें भी;
हैं नफ़रते अगर,
तो हैं चाहतें भी;

होता है इसमें जाने क्या-क्या,
यह एक अज़ाब सा है...
जिंदगी एक बड़ा ख्वाब सा है...

मेहनत है अगर,
तो है किस्मत भी;
है बदनसीबी अगर,
तो है रहमत भी;
राहें हैं लंबी अगर,
तो हैं मंज़िल भी;
हैं   ठोकरें अगर,
तो है साहिल भी;

कभी है अंधेरी रात सी,
तो कभी मेहताब सा है...
जिंदगी एक बड़ा ख्वाब सा है...

Saturday, April 16, 2011

क्या करूँ जो हर पल, याद तुम्हारी आती है...



तुमसे    ये      दूरी,      पागल    मुझे    बनाती   है
क्या    करूँ    जो   हर  पल,    याद  तुम्हारी  आती  है...

हर  पल,  हर   दिन,   एक     चुभन     सी     रहती  है
यूँ  तो   है   सब    कुछ,  पर   एक   घुटन सी  रहती है
अब कोई भी  बात,  ना  दिल  को   सुकून    दिलाती है
क्या   करूँ    जो  हर   पल,  याद  तुम्हारी   आती है...


एक -  एक   पल,  जाने   क्यूँ     साल    सा  लगता है
जीना  अब  तुम्हारे  बिन, एक  सवाल   सा  लगता है
सोचूँ जो खुद को तेरे बिन, जान  निकल  सी  जाती  है
क्या  करूँ  जो  हर   पल,   याद    तुम्हारी    आती  है.....