Sunday, July 28, 2013

तुम्हारे प्यार की फुहार से..

तुम्हारे प्यार की फुहार से,
मौसम सुहाना लगने लगा !
दिल झूम रहा है ऐसे,
ये मुझको दीवाना लगने लगा !!

बारिश कुछ और ज़्यादा,
ठंडक पहुचाने लगी,
टिप टिप गिरती बूंदे,
कोई मधुर गीत गाने लगी,

ठंडी हवा तन बदन में,
सिरहन सी पैदा करने लगी,
और उस पर तुम्हारी छुअन,
मौसम में रंग गुलाबी भरने लगी

तुम्हारी बाहों में आकर,
दिल बादल सा उड़ रहा,
दोनों की साँसों का एक दूसरे से,
एक अंजाना बंधन जुड़ रहा,

काश ऐसा हो, ये पल,
बस यहीं ठहरा रहे
तुम्हारा, मेरा और बारिश का बंधन,
होता बस गहरा रहे,
होता बस गहरा रहे,




Friday, July 26, 2013

वो हमारे दिल में बसते हैं

वो हमारे दिल में बसते हैं,
बस इतना ही है कि,
हम दिल की बात दिल में रखते हैं !!

आज भी कुछ अनछुए अहसास,
उनकी सुहानी यादों के,
उनकी मीठी बातों के,
उनके अनकहे वादों के,
दिल की सूखी ज़मीन पर,
मेघा बनकर बरसते हैं..
वो हमारे दिल में बसते हैं...

कितने ही पन्ने इस दिल की किताब के,
उनकी यादों की खुश्बू से,
उनकी आँखों के जादू से,
उनके मिलने की जूस्तजू से,
भीनी खुश्बू वाले फूलों जैसे,
सुबह शाम महकते हैं...
वो हमारे दिल में बसते हैं...
बस इतना ही है कि,
हम दिल की बात दिल में रखते हैं !!