दिल को समझाया बहुत, ना करे तुम्हारा इंतज़ार,
पर ये कहता था, मुझे बस एक यही काम आता है !!
लाख कोशिश की, कि भुला दूं नाम तुम्हारा,
पर क्या करूँ जो लबों पर, तुम्हारा ही नाम आता है !!
अजीब कश्मो-कश है, मेरे और दिल के बीच,
जब देखो ये मुझे छोड़, तुम्हारे साथ हो जाता है !!
दिल जीता है तुम्हें, धड़कनों से भी आगे जाकर,
ये धड़कना भूल जाता है, पर तुम्हें ज़रूर गुनगुनाता है !!
कोशिश की है कई बार, तुमसे दूर कर लूँ खुद को,
हर बार मैं हार जाता हूँ, और दिल जीत जाता है !!
पर ये कहता था, मुझे बस एक यही काम आता है !!
लाख कोशिश की, कि भुला दूं नाम तुम्हारा,
पर क्या करूँ जो लबों पर, तुम्हारा ही नाम आता है !!
अजीब कश्मो-कश है, मेरे और दिल के बीच,
दिल जीता है तुम्हें, धड़कनों से भी आगे जाकर,
ये धड़कना भूल जाता है, पर तुम्हें ज़रूर गुनगुनाता है !!
कोशिश की है कई बार, तुमसे दूर कर लूँ खुद को,
हर बार मैं हार जाता हूँ, और दिल जीत जाता है !!

