जब से कुछ दोस्त अलविदा कह गये,
हम सबके बीच होकर भी तन्हा रह गये !!
चले जाने में ज़रूर उनकी कुछ मजबूरी होगी,
पर वो ये भी तो देखते कि हम कहाँ रह गये !!
वो आए थे तो जिंदगी में लेकर आए थे बहार,
वो क्या गये फूलों के भी जैसे रंग बह गये !!
अब एक मामूली सा झोका भी झकझोर जाता है,
वो साथ थे तो हम गमों का सैलाब भी हंसकर सह गये !!
वो फिर से आ जायें दिल यही दुआ माँगता है,
पर क्या होगा जो वे फिर से अलविदा कह गये !!
हम सबके बीच होकर भी तन्हा रह गये !!
चले जाने में ज़रूर उनकी कुछ मजबूरी होगी,
पर वो ये भी तो देखते कि हम कहाँ रह गये !!
वो आए थे तो जिंदगी में लेकर आए थे बहार,
वो क्या गये फूलों के भी जैसे रंग बह गये !!
अब एक मामूली सा झोका भी झकझोर जाता है,
वो साथ थे तो हम गमों का सैलाब भी हंसकर सह गये !!
वो फिर से आ जायें दिल यही दुआ माँगता है,
पर क्या होगा जो वे फिर से अलविदा कह गये !!
