अब जाना है हमने, है प्यार क्या,
एक तड़प है, चुभन है, है एक नशा.....
तुम सामने नहीं हो, फिर भी नज़र आती हो,
एक पल भी तो ऐसा नही,
जब तुम्हारी याद दिल से जाती हो,
कभी मुस्कुराता हूँ मैं, कभी रो सा जाता हूँ मैं,
यादों में आकर तुम, सचमुच बहुत तड़पाती हो,
तुम बिन एक पल भी, हमसे नहीं जाता रहा...
अब जाना है हमने, है प्यार क्या,
एक तड़प है, चुभन है, है एक नशा.....
जब तुम मेरे पास थी, तो नींद नहीं आती थी,
अब तुम जब दूर हो, तो नींद नहीं आती है...
यूँ तो मैं तस्वीर तुम्हारी, देखता हूँ बार बार,
पर तस्वीर से, आँखों की प्यास कहाँ बुझ पाती है
इस तड़प की दवा नहीं, कुछ भी तुम्हारे सिवा...
अब जाना है हमने, है प्यार क्या,
एक तड़प है, चुभन है, है एक नशा.....
कभी लगता है कि जैसे साँस रुक जाएगी,
मुझे अहसास नहीं था, तुमसे दूरी इतना सताएगी,
करने छोड़ दिए हैं जतन, सुकून दिलाने के खुद को,
मैं वाकिफ़ हूँ कोई भी चीज़,सुकून ना दिला पाएगी,
बस गुज़ारिश है तुमसे, हमेशा मुझसे करना वफ़ा..
अब जाना है हमने, है प्यार क्या,






