Saturday, June 30, 2012

आँखों के साथ रोता है दिल भी...




आँखों     के     साथ     रोता      है      दिल       भी,
किसी की याद में एक अश्क बहाकर देखना  कभी..


गिर   जाओगे   तुम   खुद   अपनी    नज़रों     से,
तन्हाई में खुद से नज़रें  मि ला कर   देखना    कभी...


मिल  जाएगा  मुझ  पर   सितमों   का      हिसाब,
बीते   वक़्त   की  किताब  उठाकर   देखना   कभी...

चल     जाएगा    पता    वफ़ा    चीज़     क्या     है,
होठों पर अपने नाम मेरा गुनगुनाकर देखना कभी...


साँसें      तुम्हारी       भी          रुकने          लगेंगी,
अरमानों    को    दिल   में  दबाकर   देखना  कभी...


खुशी   और   गम   में    होता   है     फ़र्क    कितना,
गमों    को   घर    अपने   बुलाकर   देखना   कभी...


तुम्हारे   बिना     जीना      होता      है      मुश्किल,
तुम    खुद    को  ' दर्द'    बनाकर    देखना    कभी...

Friday, May 4, 2012

जाते...जाते...

एक और मुलाक़ात के लिए,
बेताबी को कई गुना बढ़ा गये,
इस अंदाज में कह गये वो अलविदा,
जाते...जाते...

जब साथ बैठे थे,
तो जैसे कोई बात नहीं थी,
पूरी तरह जैसे दिल में गये समा,
जाते...जाते...

एक आग थी जैसे,
कहीं दबकर सुलग रही थी,
वो उस आग में उठाके गये धुआँ,
जाते...जाते...

जिंदगी जैसे एक बंद कमरा थी,
घुट रही थी,
वे बना गये इसे खुला आसमां,
जाते...जाते...

अंजान था जैसे अब तक,
सचमुच जिंदगी से,
वे समझा गये इसका फलसफा,
जाते...जाते...

Tuesday, February 7, 2012

भूल जाना तुझे कोई मुश्किल तो नहीं है....

भूल    जाना      तुझे   कोई   मुश्किल   तो     नहीं    है
एक तू ही  दुनिया   में  आख़िरी  मंज़िल  तो     नहीं  है

पहुँच जाएगी मेरी जिंदगी की किश्ती भी कहीं ना कहीं
बस   तू   ही  मेरी   किश्ती   का  साहिल   तो   नहीं   है

मुस्कुराने    के  लिए  बहुत   सी  वजहें  हैं   दुनिया  में
एक   तू   ही   खुशियों   की   महफ़िल    तो    नहीं    है

मिल     जाएँगे    कद्रदान    मेरी    वफ़ा    के      बहुत
सारा    जमाना    तेरी    तरह   संगदिल   तो  नहीं   है

जब     तू     जी     सकती    है    मेरे      बिना       भी
मैं  ना   जी  सकूँ  तेरे   बिन  नामुमकिन  तो  नहीं  है