एक तू ही दुनिया में आख़िरी मंज़िल तो नहीं है
पहुँच जाएगी मेरी जिंदगी की किश्ती भी कहीं ना कहीं
बस तू ही मेरी किश्ती का साहिल तो नहीं है
मुस्कुराने के लिए बहुत सी वजहें हैं दुनिया में
एक तू ही खुशियों की महफ़िल तो नहीं है
मिल जाएँगे कद्रदान मेरी वफ़ा के बहुत
सारा जमाना तेरी तरह संगदिल तो नहीं है
जब तू जी सकती है मेरे बिना भी
मैं ना जी सकूँ तेरे बिन नामुमकिन तो नहीं है

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