आँखों के साथ रोता है दिल भी,
किसी की याद में एक अश्क बहाकर देखना कभी..
गिर जाओगे तुम खुद अपनी नज़रों से,
तन्हाई में खुद से नज़रें मि ला कर देखना कभी...
मिल जाएगा मुझ पर सितमों का हिसाब,
बीते वक़्त की किताब उठाकर देखना कभी...
चल जाएगा पता वफ़ा चीज़ क्या है,
होठों पर अपने नाम मेरा गुनगुनाकर देखना कभी...
साँसें तुम्हारी भी रुकने लगेंगी,
अरमानों को दिल में दबाकर देखना कभी...
खुशी और गम में होता है फ़र्क कितना,
गमों को घर अपने बुलाकर देखना कभी...
तुम्हारे बिना जीना होता है मुश्किल,
तुम खुद को ' दर्द' बनाकर देखना कभी...

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