जिए जाते हैं, एक तमन्ना में,
हैं कितनी ही तमन्नायें, इसी तमन्ना में !!
रखें हैं कई अरमान, सँजोकर दिल में,
शायद कभी पूरे हो जायें, इसी तमन्ना में !!
आँसू आए हर बार, जहाँ हम बिछड़े थे,
शायद वो पूछने आयें, इसी तमन्ना में !!
नफ़रत भी की, दिल ही दिल उन्हें बहुत,
शायद दिल से निकल जायें, इसी तमन्ना में !!
इबादत ना की कभी, किसी बुत की उनके सिवा,
वो बस मेरे खुदा बन जायें, इसी तमन्ना में !!
हैं कितनी ही तमन्नायें, इसी तमन्ना में !!
रखें हैं कई अरमान, सँजोकर दिल में,
शायद कभी पूरे हो जायें, इसी तमन्ना में !!
आँसू आए हर बार, जहाँ हम बिछड़े थे,
शायद वो पूछने आयें, इसी तमन्ना में !!
नफ़रत भी की, दिल ही दिल उन्हें बहुत,
शायद दिल से निकल जायें, इसी तमन्ना में !!
इबादत ना की कभी, किसी बुत की उनके सिवा,
वो बस मेरे खुदा बन जायें, इसी तमन्ना में !!

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