Tuesday, July 26, 2011

मेरे मन तू आज उदास न हो...

मेरे मन तू आज उदास न हो...

आज   वो   कौन  सी चीज़ है,
जो    तेरे      पास     न    हो,
मेरे मन तू आज उदास न हो...

तेरे     पास    तेरा    प्यार   है,
एक हंसता, खेलता परिवार है;
वे   सारी     चीज़ें   हैं,
जिन्हे तू चाहता  था;
जिनके    लिए     तू,
पसीना   बहाता  था;

हाँ,   हो   सकता    है,
मंज़िल पर पहुँच कर,
तू  राहें  तलाशता हो--

ये    सच     है    कि-
मंज़िल पर  पहुँचना,
आसान     नहीं   है;
पर तू क्यूँ यह सोचता है कि-
मंज़िल   पर    पहुँच  कर,
तेरे पास कोई काम नहीं है...

जो किया है तूने हासिल,
उसे  कायम  रखना  भी,
एक  कठिन   रास्ता  है;
है         इंसान        वही,
जो गमों के बीच भी हंसता है...

तू  चला  चल  अपनी  राह  पर,
चाहे कोई भी तेरे साथ हो न हो..

मेरे मन तू आज उदास  न  हो...

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