तुम्हारे प्यार की फुहार से,
मौसम सुहाना लगने लगा !
दिल झूम रहा है ऐसे,
ये मुझको दीवाना लगने लगा !!
बारिश कुछ और ज़्यादा,
ठंडक पहुचाने लगी,
टिप टिप गिरती बूंदे,
कोई मधुर गीत गाने लगी,
ठंडी हवा तन बदन में,
सिरहन सी पैदा करने लगी,
और उस पर तुम्हारी छुअन,
मौसम में रंग गुलाबी भरने लगी
तुम्हारी बाहों में आकर,
दिल बादल सा उड़ रहा,
दोनों की साँसों का एक दूसरे से,
एक अंजाना बंधन जुड़ रहा,
काश ऐसा हो, ये पल,
बस यहीं ठहरा रहे
तुम्हारा, मेरा और बारिश का बंधन,
होता बस गहरा रहे,
होता बस गहरा रहे,
मौसम सुहाना लगने लगा !
दिल झूम रहा है ऐसे,
ये मुझको दीवाना लगने लगा !!
बारिश कुछ और ज़्यादा,
ठंडक पहुचाने लगी,
टिप टिप गिरती बूंदे,
कोई मधुर गीत गाने लगी,
ठंडी हवा तन बदन में,
सिरहन सी पैदा करने लगी,
और उस पर तुम्हारी छुअन,
मौसम में रंग गुलाबी भरने लगी
तुम्हारी बाहों में आकर,
दिल बादल सा उड़ रहा,
दोनों की साँसों का एक दूसरे से,
एक अंजाना बंधन जुड़ रहा,
काश ऐसा हो, ये पल,
बस यहीं ठहरा रहे
तुम्हारा, मेरा और बारिश का बंधन,
होता बस गहरा रहे,
होता बस गहरा रहे,

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