Tuesday, June 14, 2011

आज फिर ना जाने क्यूँ, तुम याद आ गये...

आज फिर   ना   जाने  क्यूँ,
तुम     याद       आ     गये...
गम मुझसे बिछड़  गये  थे,
आज फिर मिलने  आ गये...

आज      फिर       जिंदगी,
उदास   सी   लगने   लगी...
आज फिर कोई प्यास सी,
दिल   में     जगने    लगी...
आज फिर दिल की ज़मीन पर,
गम   के   बादल  छा गये....

आज फिर   ना   जाने  क्यूँ,
तुम     याद       आ     गये...

आज  फिर  तन्हा - तन्हा,
रहने  को  मन  करता है...
आज   फिर   आँखों   से,
आँसुओं का दावानल बहता है..
आज    फिर    दिल   में,
सैंकड़ों   गम  समा  गये...

आज फिर   ना   जाने  क्यूँ,
तुम     याद       आ     गये...

आज    फिर     लगता   है,
तुम मुझसे  जुदा  नहीं  हो...
दर्द में याद आता  है  खुदा,
कहीं तुम खुदा तो  नहीं हो....
आज फिर कश्मों-कश के हाथों,
खुद   को   हम   थमा गये.....


आज फिर ना  जाने  क्यूँ,
तुम    याद     आ     गये...
गम मुझसे बिछड़ गये थे,
आज फिर मिलने आ गये...

1 comment:

Anjali.. said...

Nice lines��